*भारतीय मीडिया फाउंडेशन (नेशनल)का राष्ट्रव्यापी अलर्ट: पत्रकार, RTI और मानवाधिकार कार्यकर्ता को रोकना अब सीधे जेल का रास्ता*
*- एके बिंदुसार, संस्थापक – भारतीय मीडिया फाउंडेशन, नेशनल कोर कमेटी, नई दिल्ली*
> लोकतंत्र में कलम को रोकना, संविधान को रोकना है। अब हर हमले का जवाब BNS से मिलेगा।
सभी सम्मानित साथियों को सादर जय हिंद!
आज देश में पत्रकार, आरटीआई एक्टिविस्ट, सोशल एक्टिविस्ट और ह्यूमन राइट्स डिफेंडर्स पर हमले बढ़ रहे हैं। इसी को देखते हुए भारतीय मीडिया फाउंडेशन की ओर से यह मुख्य संदेश जारी किया जा रहा है।
ध्यान दें – *IPC खत्म हो चुकी है। अब पूरे देश में भारतीय न्याय संहिता – BNS लागू है।* अगर आपको कोई भी व्यक्ति अपना काम करने से रोकता है, तो डरें नहीं, कानून आपके साथ है।
पत्रकार / कार्यकर्ता के अधिकारों पर हमला और BNS का प्रहार
*CASE 1: जब आपको कवरेज, सूचना मांगने या मानवाधिकार की जांच से रोका जाए -*
– *BNS धारा 126 – सदोष अवरोध:* आपका रास्ता रोकना, आपका हाथ पकड़ना, कैमरे पर हाथ रखना। यह अपराध है।
– *BNS धारा 127 – सदोष परिरोध:* आपको घेर लेना, कमरे में बंद कर देना, जाने न देना।
– *BNS धारा 221 – लोक कर्तव्य में बाधा:* पत्रकार, आरटीआई और मानवाधिकार कार्यकर्ता लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में जनहित का कर्तव्य कर रहे हैं। इस कर्तव्य में बाधा डालना गंभीर अपराध है।
*CASE 2: जब आपका कैमरा तोड़ा जाए, माइक छीना जाए, वीडियो डिलीट कराई जाए -*
– *BNS 324 – संपत्ति को नुकसान (रिष्टि):* कैमरा, मोबाइल, लैपटॉप तोड़ने पर 5 साल तक की सजा।
– *BNS 303 / 306 – चोरी और लूट:* आपका सामान छीनना चोरी नहीं, लूट है।
– *BNS 316 – आपराधिक न्यास भंग:* आपका फुटेज या डेटा लेकर उसका दुरुपयोग करना।
*CASE 3: जब गाली-गलौज, धमकी, मारपीट की जाए -*
– *BNS 351 – आपराधिक धमकी:* खबर रोकने के लिए, आरटीआई वापस लेने के लिए धमकाना। इसमें 2 से 7 साल तक की सजा का प्रावधान है।
– *BNS 352 – शांति भंग करने के लिए अपमान:* सार्वजनिक रूप से गाली देना, बेइज्जत करना।
– *BNS 115(2) और 117 – चोट पहुंचाना:* धक्का-मुक्की या गंभीर हमला करने पर।
*CASE 4: सबसे मजबूत ब्रह्मास्त्र -*
– *BNS 308(2) – जबरन वसूली:* खबर रोकने के लिए, मानवाधिकार का मामला दबाने के लिए डराना-धमकाना अब जबरन वसूली माना जाएगा।
– *IT Act 66E + 67:* जबरदस्ती आपका वीडियो/फोटो डिलीट कराना आपकी निजता पर हमला है।
थाने में FIR कैसे लिखवाएं? – भारतीय मीडिया फाउंडेशन का मॉडल ड्राफ्ट
सभी साथी अपनी FIR में यही भाषा लिखवाएं, ताकि पुलिस को धारा लगाने में आसानी हो –
“मैं ………. समाचार पत्र / चैनल / संगठन का ………. क्षेत्र का पत्रकार / आरटीआई कार्यकर्ता / मानवाधिकार कार्यकर्ता हूं। मैं दिनांक ………. को स्थान ………. पर जनहित में खबर / सूचना / मानवाधिकार जांच का कवरेज कर रहा था। तभी आरोपी ………. ने मुझे कवरेज करने से रोका, मेरा रास्ता रोका (BNS 126), मेरे साथ गाली-गलौज, शांति भंग (BNS 352), आपराधिक धमकी (BNS 351) और हाथापाई (BNS 115) की तथा मेरा कैमरा तोड़ने / वीडियो डिलीट कराने का प्रयास किया (BNS 324, 303)। आरोपी पर BNS की धारा 126, 351, 324, 352, 308(2) के तहत सख्त कार्रवाई की जाए। मेरे पास वीडियो साक्ष्य मौजूद है।”
*भारतीय मीडिया फाउंडेशन नेशनल कोर कमेटी की अपील।*
1. डरें नहीं, पूरे आत्मविश्वास से अपना कर्तव्य करें।
2. घटना का वीडियो तुरंत बनाएं और क्लाउड पर सेव करें।
3. इस संदेश को देश के हर पत्रकार, RTI, सोशल और ह्यूमन राइट्स ग्रुप में भेजें।
*याद रखिए – आप अकेले नहीं हैं, पूरा भारतीय मीडिया फाउंडेशन परिवार आपके साथ है।*
*पत्रकार एकता जिंदाबाद! मानवाधिकार जिंदाबाद!*















