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देश की नई संसद में चमकी भदोही की कालीन,वैश्विक बाजार में बढ़ी यूपी की पहचान:सीएम योगी

*देश की नई संसद में चमकी भदोही की कालीन,वैश्विक बाजार में बढ़ी यूपी की पहचान:सीएम योगी*

 

लखनऊ।राजधानी लखनऊ में शुक्रवार को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को सभी बुनकरों, हस्तशिल्पियों, कारीगरों और उद्यमियों को शुभकामनाएं दीं।सीएम ने कहा कि स्वदेशी आंदोलन ने ही भारत के स्वतंत्रता संग्राम को नयी दिशा प्रदान की थी।

 

समारोह में उत्कृष्ट बुनकरों को ‘संत कबीर राज्य स्तरीय हथकरघा पुरस्कार से सम्मानित करने के बाद सीएम योगी ने कहा कि कृषि के बाद वस्त्र उद्योग सबसे अधिक रोजगार उपलब्ध कराने वाला क्षेत्र है। सीएम ने कहा कि यूपी में हथकरघा और पावरलूम से करीब 30 लाख लोगों की आजीविका जुड़ी है।

 

सीएम योगी ने कहा कि भदोही में कालीन का क्लस्टर 2017 के पहले मृतप्राय सा हो गया था,लेकिन आज वहां से दुनिया के बाजारों में सैकड़ों करोड़ रुपये का कालीन एक्सपोर्ट किया जा रहा है। देश की नई संसद में भी भदोही की कालीन लगी थी।

 

सीएम योगी ने कहा कि सरकार ने 40 हजार से अधिक हस्तशिल्पियों को विद्युत सुविधा के रूप में 109 करोड़ रुपये का लाभ दिया है।सीएम ने हथकरघा उत्पादों को डिजाइन, तकनीक,पैकेजिंग व मार्केटिंग के जरिये वैश्विक बाजार से जोड़ने पर जोर दिया। सीएम ने सरकारी विभागों में हथकरघा उत्पादों की खरीद बढ़ाने और स्थानीय उत्पादों को उपहार में देने की अपील भी की।

 

सीएम योगी ने कहा कि यह हमारी विरासत है। ढाई लाख परिवार यानी लगभग 14-15 लाख लोग इस व्यवसाय पर आश्रित हैं।इसमें पावरलूम को भी जोड़ लिया जाए तो यह संख्या लगभग 30 लाख तक पहुंच जाती है। सीएम ने कहा कि हथकरघा/पावरलूम उद्योग इन 30 लाख से अधिक लोगों की आजीविका का आधार बना है।इसके जरिए लाखों लोग सरकार पर आश्रित हुए बिना ही अपने कार्यक्रम, उद्योग, रोजगार को आगे बढ़ा रहे हैं।हमारी सरकार ने तय किया कि इन हस्तशिल्पियों को सम्मान मिलना चाहिए, साथ ही उन्हें हर प्रकार की सुविधा मिलनी चाहिए।इसी क्रम में गत वर्ष हैंडलूम से जुड़े हुए 40 हजार से अधिक हस्तशिल्पियों को 109 करोड़ रुपये की विद्युत से जुड़ी सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

 

सीएम योगी ने कहा कि यह प्रतिस्पर्धा का समय है। इस स्वस्थ प्रतिस्पर्धा में हम तभी टिक पाएंगे, जब समय व मांग के अनुरूप डिजाइन व वस्त्र तैयार करेंगे। सीएम ने कहा कि दुनिया में उत्पादों की मांग को देखते हमारे लिए सुनहरा अवसर भी है।लखनऊ,गोरखपुर, बाराबंकी, अंबेडकर नगर, संत कबीर नगर, गोरखपुर, मऊ, आजमगढ़, वाराणसी, भदोही, मिर्जापुर समेत सभी क्षेत्र अपने उत्कृष्ट हस्तशिल्प के लिए जाने जाते हैं।हमारे कारीगरों ने स्थानीय उत्पादों को वैश्विक मान्यता व पहचान दिलाई है। प्रदेश सरकार हस्तशिल्पियों, कारीगरों व उद्यमियों के उत्थान के लिए हर वक्त साथ खड़ी है।

 

सीएम योगी ने कहा कि भदोही में कालीन का क्लस्टर 2017 के पहले मृतप्राय सा हो गया था,लेकिन आज वहां से दुनिया के बाजारों में सैकड़ों करोड़ रुपये का कालीन एक्सपोर्ट किया जा रहा है। सीएम ने कहा कि देश की नई संसद में भी भदोही की कालीन लगी थी।देश की संसद में अलग-अलग जगहों पर उत्तर प्रदेश के हस्तशिल्प और कारीगरों का सम्मान झलकता दिखाई देता है।

 

सीएम योगी ने कहा कि भदोही में केंद्र सरकार की मदद से कालीन का एक्सपो सेंटर भी बनाया है।वाराणसी में ट्रेड फैसिलिटेशन सेंटर की स्थापना हो चुकी है।इसके साथ ही टेक्नोलॉजी,डिजाइन,पैकेजिंग,एक्सपोर्ट,मार्केटिंग को और बेहतर बनाने के लिए भी सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। सीएम ने कहा कि जब हम स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देंगे, तो भारत का पैसा भारत में ही लगेगा। इससे हमारे हस्तशिल्पियों के चेहरे पर समृद्धि की खुशहाली आएगी।

 

सीएम योगी ने कहा कि वाराणसी में फैसिलिटेशन सेंटर से जुड़े हुए छात्रों को स्कॉलरशिप दी जा रही है।गत वर्ष 450 छात्रों को स्कॉलरशिप दी गई। इसके जरिए डिजाइनिंग, टेक्नोलॉजी,पैकेजिंग के बारे में अध्ययन कराया जा रहा है। सीएम ने कहा कि टेक्सटाइल उद्योग को मजबूती प्रदान करने के लिए लखनऊ में पीएम मित्र पार्क की स्थापना 1000 एकड़ में हो रही है।कृषि के बाद सर्वाधिक रोजगार प्रदान करने वाला क्षेत्र टेक्सटाइल उद्योग ही है। सीएम ने युवाओं और हर हाथ को काम दिलाने पर जोर देते हुए कहा कि सरकार संत कबीर के नाम पर प्रदेश में पांच स्थानों पर टेक्सटाइल पार्क की स्थापना के कार्य को आगे बढ़ा रही है।

 

सीएम योगी ने कहा कि 2014 और 2017 के पहले भी विकास के ऐसे काम हो सकते थे,लेकिन इसके लिए पिछली सरकारों के पास विजन नहीं था।पिछली सरकारों में हर काम को केवल वोटबैंक के नजरिए से देखा जाता था।ऐसे में गरीबों, कारीगरों व हस्तशिल्पियों का सम्मान पिछड़ जाता था।

 

सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले यूपी में बिजली और आवागमन के लिए अच्छी सड़कें तक नहीं थीं। कानून-व्यवस्था इतनी बदहाल थी कि बेटी, व्यापारी, हस्तशिल्पी, कारीगर कोई भी सुरक्षित नहीं था। किंतु आज हथकरघा के क्षेत्र में 70 फीसदी से अधिक महिलाएं कार्य कर रही हैं। यह अद्भुत है। सीएम ने कहा कि पीएम मोदी जी भी विदेशी दौरों पर यूपी के हस्तशिल्प उत्पादों को विभिन्न राष्ट्राध्यक्षों को उपहार स्वरूप प्रदान करते हैं। यह सभी हस्तशिल्पियों और कारीगरों का सम्मान है।

 

सीएम योगी ने कहा कि राष्ट्रीय हथकरघा दिवस केवल एक दिवस नहीं बल्कि भारत के स्वाधीनता आंदोलन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव भी है।आज के दिन 7 अगस्त 1905 को आंदोलन को एक नई दिशा मिली थी, जब स्वदेशी ने पदार्पण किया था। सीएम ने कहा कि स्वदेशी के मंत्र ने उत्तर-दक्षिण, पूर्व-पश्चिम पूरे भारत को एकता के सूत्र में जोड़कर गुलामी की बेड़ियों को तोड़ने का काम किया।राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने आजादी के आंदोलन के लिए खादी व स्वदेशी को ही अपना मंत्र बनाया था। उन्होंने चरखे को आंदोलन का सबसे बड़ा शस्त्र बनाया। सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने 7 अगस्त की तिथि को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के रूप में आयोजित करने का निर्णय लिया। यह देश में हथकरघा से जुड़े लाखों उद्यमियों, व्यवसायियों, हस्तशिल्पियों का सम्मान है।

Ronda Faulk
Author: Ronda Faulk

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