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*डीएम अरविन्द सिंह के निर्देश पर जनपदभर में उर्वरक प्रतिष्ठानों पर संयुक्त छापेमारी*
*एक लाइसेंस निलंबित, कई विक्रेताओं को नोटिस, गुणवत्ता परीक्षण हेतु नमूने लिए गए*
किसानों को गुणवत्तायुक्त उर्वरक निर्धारित मूल्य पर उपलब्ध कराने तथा कालाबाजारी एवं अनियमितताओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से प्रमुख सचिव (कृषि), उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशों के क्रम में जिलाधिकारी अरविन्द सिंह के निर्देशन में गठित संयुक्त प्रवर्तन टीमों द्वारा शुक्रवार को जनपद की तीनों तहसीलों में एक साथ सघन औचक निरीक्षण एवं प्रवर्तन अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान सहकारी समितियों सहित थोक एवं फुटकर उर्वरक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर उर्वरकों की उपलब्धता, गुणवत्ता, निर्धारित मूल्य पर विक्रय तथा अभिलेखों का गहन परीक्षण किया गया।
जिलाधिकारी अरविन्द सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी, टैगिंग अथवा निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली जैसी अनियमितताओं में संलिप्त पाए जाने वाले विक्रेताओं के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
जलेसर तहसील में उप जिलाधिकारी जलेसर, जिला कृषि अधिकारी एवं सहकारिता विभाग की संयुक्त टीम ने विभिन्न उर्वरक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान बी-पैक्स शाखा नबीपुर, पौडरी उर्वरक विक्रेता, बेरनी (सादाबाद रोड, अवागढ़) तथा वसुंधरा प्रतिष्ठान से उर्वरकों के दो नमूने गुणवत्ता परीक्षण हेतु संग्रहित कर प्रयोगशाला भेजे गए। दो प्रतिष्ठान बंद पाए जाने पर संबंधित विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए, जबकि एक प्रतिष्ठान पर अभिलेख अपूर्ण एवं अनियमितताएं पाए जाने पर उसका उर्वरक विक्रय लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
अलीगंज तहसील में उप जिलाधिकारी अलीगंज, उप कृषि निदेशक एटा तथा सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक, सहकारिता की संयुक्त टीम द्वारा सहकारी समितियों एवं निजी उर्वरक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान दो विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए तथा एक उर्वरक का नमूना गुणवत्ता परीक्षण हेतु लिया गया। सभी थोक एवं फुटकर विक्रेताओं को शासन द्वारा निर्धारित मूल्य पर ही उर्वरकों का विक्रय करने एवं समस्त अभिलेख अद्यतन रखने के निर्देश दिए गए।
सदर तहसील में उप जिलाधिकारी सदर, अपर जिला कृषि अधिकारी एवं अपर जिला सहकारी अधिकारी की संयुक्त टीम ने निरीक्षण के दौरान एक प्रतिष्ठान पर अभिलेख व्यवस्थित न पाए जाने पर संबंधित विक्रेता को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए अभिलेख तत्काल पूर्ण एवं व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त कीटनाशकों के दो नमूने भी गुणवत्ता परीक्षण के लिए संग्रहित किए गए।
संयुक्त प्रवर्तन टीमों ने सभी सहकारी समितियों एवं थोक तथा फुटकर उर्वरक विक्रेताओं को निर्देशित किया कि उर्वरकों का विक्रय केवल पीओएस मशीन के माध्यम से, शासन द्वारा निर्धारित मूल्य पर एवं नियमानुसार किया जाए। किसानों को फार्मर आईडी एवं खतौनी के आधार पर ही उर्वरक उपलब्ध कराया जाए तथा स्टॉक एवं विक्रय संबंधी सभी अभिलेख नियमित रूप से अद्यतन रखे जाएं।









