*AIFUCTO के आह्वान पर आगरा कॉलेज, आगरा में शिक्षकों का जोरदार धरना-प्रदर्शन, पुरानी पेंशन सहित शिक्षक हितों की प्रमुख मांगों को लेकर बुलंद हुई आवाज*
आगरा। अखिल भारतीय विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षक महासंघ (AIFUCTO) के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर आज आगरा कॉलेज, आगरा में शिक्षकों ने पंडित गंगाधर शास्त्री जी की प्रतिमा के समक्ष शांतिपूर्ण एवं प्रभावी धरना-प्रदर्शन कर शिक्षक हितों एवं उच्च शिक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी आवाज बुलंद की। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. वीरेंद्र सिंह चौहान ने की।
धरने को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली शिक्षकों की सबसे महत्वपूर्ण और वर्षों से लंबित मांग है। वर्ष 2005 के बाद नियुक्त विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षक आज भी पुरानी पेंशन योजना से वंचित हैं, जिससे उनके भविष्य की सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा प्रभावित हो रही है। शिक्षक संगठनों द्वारा इस मांग को लेकर लगातार संघर्ष किया जा रहा है और सरकार से इसे शीघ्र लागू करने की मांग की गई।धरने के दौरान शिक्षकों ने AIFUCTO के मांग-पत्र का समर्थन करते हुए केंद्र एवं राज्य सरकारों से निम्न प्रमुख मांगों पर तत्काल सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की—
*पुरानी पेंशन योजना (OPS) को तत्काल बहाल किया जाए*
*आठवें यूजीसी/एआईसीटीई वेतन आयोग का शीघ्र गठन किया जाए*
*राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 एवं विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक पर पुनर्विचार किया जाए*
*एम.फिल. कार्यक्रम को पुनः संचालित किया जाए तथा पीएच.डी./एम.फिल. से संबंधित वेतनवृद्धि एवं अन्य लाभ समाप्त न किए जाएं*
*एसोसिएट प्रोफेसर एवं प्रोफेसर पदोन्नति के लिए पीएच.डी. की अनिवार्यता समाप्त की जाए*
सरकारी एवं अनुदानित महाविद्यालयों के पात्र शिक्षकों को कैरियर एडवांसमेंट स्कीम (CAS) के अंतर्गत प्रोफेसर पद पर पदोन्नति प्रदान की जाए। सभी राज्य सरकारें यूजीसी द्वारा रिफ्रेशर कोर्स एवं ओरिएंटेशन कोर्स (RC/OC) की अवधि बढ़ाने संबंधी निर्देशों को लागू करें।
उच्च शिक्षण संस्थानों के क्लस्टरीकरण, विलय एवं एकल संकाय वाले महाविद्यालयों को समाप्त करने की प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए। उच्च शिक्षा में राज्यों की भूमिका को प्रभावित करने वाली केंद्रीकृत प्रवेश एवं परीक्षा प्रणालियों पर पुनर्विचार किया जाए। धरने के दौरान शिक्षकों ने अपनी मांगों के समर्थन में जोरदार नारेबाजी की तथा सरकार से शिक्षकों एवं उच्च शिक्षा के हित में शीघ्र निर्णय लेने का आग्रह किया।
इस अवसर पर यह भी घोषणा की गई कि 08 अगस्त, 2026 को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित AIFUCTO के राष्ट्रीय धरना-प्रदर्शन में डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा से संबद्ध महाविद्यालयों के शिक्षक AUTA (औटा) के नेतृत्व में बड़ी संख्या में भाग लेंगे और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मांगों को प्रभावी ढंग से उठाएंगे। धरना-प्रदर्शन में प्रमुख रूप से प्रो. वीरेंद्र सिंह चौहान (अध्यक्ष), डॉ. भूपेंद्र कुमार चिकारा, प्रो. विजय कुमार सिंह (सचिव, स्टाफ क्लब), प्रो. विक्रम सिंह, प्रो. गौरव कौशिक, प्रो. शिवकुमार सिंह, डॉ. दिग्विजय पाल सिंह, डॉ. आनंद प्रताप सिंह, डॉ. रंजीत सिंह, डॉ. धर्मवीर सिंह यादव, डॉ. एस. खरवार, डॉ. राहुल खरवार, डॉ. दिनेश कुमार सिंह, डॉ. धर्मेंद्र प्रताप सिंह, डॉ. रोहित पटवा, डॉ. रविशंकर सिंह, डॉ. अचिंत वर्मा, श्री नितेश कुमार शर्मा, डॉ. रवेन्द्र प्रताप चौहान, प्रो. भूपाल सिंह, डॉ. आशीष तेजस्वी, डॉ. अविनाश जैन, डॉ. आर. पी. पाल, डॉ. अमरेश बाबू यादव, प्रो. कल्पना चतुर्वेदी, प्रो. अनुराधा नेगी, प्रो. अमित अग्रवाल, प्रो. महेंद्र सिंह यादव, डॉ. अमित यादव, प्रो. अमित चौधरी, डॉ. केशव सिंह, प्रो. प्रभात यादव, प्रो. राजकुमार वर्मा, प्रो. इंदोलिया, प्रो. विनोद कुमार यादव तथा डॉ. भूपेंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे। अंत में शिक्षकों ने एक स्वर में कहा कि यदि उनकी न्यायोचित मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो AIFUCTO एवं FUPUCTA के नेतृत्व में देशव्यापी आंदोलन को और अधिक व्यापक बनाया जाएगा।









