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कमिश्नर कोर्ट में ही चलेगा जौहर विवि का मामला,हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका BMFNEWS

*कमिश्नर कोर्ट में ही चलेगा जौहर विवि का मामला,हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका*

 

प्रयागराज।इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पूर्व कैबिनेट मंत्री समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां की रामपुर में

मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के 38 भवनों को ध्वस्त करने के आदेश के विरुद्ध दाखिल याचिका वापस लिए जाने के आधार पर खारिज कर दी है।जौहर विवि के ध्वस्तीकरण का मामला कमिश्नर कोर्ट में ही चलेगा।यह आदेश न्यायमूर्ति महेश चंद्र त्रिपाठी और न्यायमूर्ति कुणाल रवि सिंह की खंडपीठ ने दिया है।

 

सुनवाई के दौरान याची की ओर से कोर्ट को बताया गया कि मुरादाबाद के मंडलायुक्त की अदालत ने ध्वस्तीकरण पर स्थगन आदेश कर दिया है। इस पर कोर्ट ने कहा कि अब याचिका सुनवाई के लिए पोषणीय नहीं है तो याची के अधिवक्ता ने याचिका को वापस लेने का आग्रह किया,जिसके बाद कोर्ट ने याचिका वापस लेने के आधार पर खारिज कर दी।

 

याचिका में जौहर विश्वविद्यालय के 38 भवनों को ध्वस्त करने के रामपुर विकास प्राधिकरण के गत 15 जुलाई के आदेश को रद्द करने की मांग की गई है। साथ ही अंतिम आदेश तक ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की गई थी। कहा गया था कि जौहर विश्वविद्यालय में 1205 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इसके अलावा 162 कर्मचारी कार्यरत हैं। यदि भवनों को ध्वस्त किया गया तो इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई और उनका भविष्य प्रभावित होगा। वहीं, शैक्षिक और गैर-शैक्षिक कर्मचारियों की आजीविका पर भी संकट आ जाएगा।

 

बता दें कि आरडीए के क्षेत्रीय अवर अभियंता द्वारा 28 जून को वाद दर्ज कर मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट के सचिव और जौहर विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार को नोटिस जारी कर आठ जुलाई तक संबंधित 38 भवनों के नक्शा आदि दाखिल करने का आदेश दिया था।जौहर विवि प्रबंधन की ओर से दाखिल किए गए जवाब के बाद आरडीए द्वारा व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर प्रदान किया गया,जिसमें 15 जुलाई की तारीख निर्धारित थी। यहां जौहर विवि प्रबंधन का पक्ष सुनने के बाद रामपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अजय कुमार द्विवेदी ने अवैध भवनों को ध्वस्त करने का आदेश पारित किया था। आरडीए उपाध्यक्ष के इस आदेश को चुनौती देते हुए जौहर विवि प्रबंधन की ओर से आरडीए अध्यक्ष/अपीलीय अधिकारी के यहां अपील दाखिल की गई थी। जिस पर सोमवार को सुनवाई के बाद मंडलायुक्त कोर्ट ने जौहर विवि प्रबंधन को राहत देते हुए ध्वस्तीकरण के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। मंडलायुक्त ने आदेश दिया है कि जब तक उनकी कोर्ट में प्रकरण की सुनवाई नहीं हो जाती तब तक आरडीए उपाध्यक्ष का जौहर विवि के 38 भवनों के ध्वस्तीकरण का आदेश निष्प्रभावी रहेगा। यानी, तब तक ध्वस्तीकरण की कार्रवाई नहीं होगी।

Ronda Faulk
Author: Ronda Faulk

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