राहुल यादव के नेतृत्व में जमीनी स्तर पर बदलती मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड की तस्वीर:

*पूर्वांचल में समाजवादी क्रांति का नया ‘यूथ आइकॉन’:*

*राहुल यादव के नेतृत्व में जमीनी स्तर पर बदलती मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड की तस्वीर:*

 

वरिष्ठ पत्रकार एके बिंदुसार की कलम से……………

 

 

 

 

उत्तर प्रदेश की राजनीति में जब-जब जनआंदोलन और सामाजिक न्याय की बात होती है, तब-तब समाजवादी विचारधारा अग्रिम पंक्ति में खड़ी दिखाई देती है। इसी विचारधारा को आत्मसात कर, समाज के अंतिम व्यक्ति तक नेताजी मुलायम सिंह यादव के सपनों को पहुँचाने का बीड़ा उठाया है मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड ने। वाराणसी से लेकर समूचे पूर्वांचल में इस संगठन को नई ऊर्जा, धार और अनुशासन देने वाले युवा चेहरा हैं — प्रदेश सचिव राहुल यादव।

आज मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड केवल एक राजनीतिक दल का युवा पंख (Youth Wing) मात्र नहीं रह गया है, बल्कि पूर्वांचल के शोषितों, पीड़ितों, छात्रों और युवाओं का सबसे मजबूत संबल बनकर उभरा है।

. वाराणसी की माटी से प्रदेश की राजनीति तक: ‘जन-मसीहा’ राहुल यादव का संघर्षपूर्ण सफर

वाराणसी की ऐतिहासिक गलियों से निकलकर प्रदेश स्तर पर अपनी खास पहचान बनाने वाले राहुल यादव को आज युवा वर्ग “हृदय सम्राट” और “युवाओं के मार्गदर्शक” के रूप में देखता है।

सड़क से संसद तक की लड़ाई: राहुल यादव की राजनीति का आधार किसी बंद कमरे की योजनाएं नहीं, बल्कि सड़क का संघर्ष है। आम जनमानस की पीड़ा को धरातल पर महसूस करना उनकी सबसे बड़ी ताकत है।

न्याय की निस्वार्थ लड़ाई: गरीब, शोषित और असहाय परिवारों पर जब भी प्रशासनिक या सामाजिक अन्याय होता है, राहुल यादव सबसे पहले ढाल बनकर खड़े दिखाई देते हैं।

आपदा में जनसेवा: बाढ़ का प्रकोप हो या कोई अन्य मानवीय संकट, बनारस और आसपास के क्षेत्रों में राशन, दवा और राहत सामग्री लेकर पहुँचने में वे हमेशा अग्रिम पंक्ति में रहते हैं। यही कारण है कि स्थानीय जनता उन्हें राजनीतिज्ञ से इतर एक “मसीहा” के रूप में देखती है।

. कैडर से क्रांति तक: विचारधारा को जनांदोलन में बदलती यूथ ब्रिगेड

प्रदेश सचिव का पदभार संभालने के बाद राहुल यादव ने मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड की कार्यशैली में व्यापक और क्रांतिकारी बदलाव किए हैं:

त्रिस्तरीय मजबूत ढाँचा (बूथ से प्रदेश तक): अब संगठन केवल भाषणों तक सीमित नहीं है। बूथ स्तर तक कमेटियों का गठन, हर जिले में नियमित युवा सम्मेलन और ऊर्जावान कार्यकर्ताओं को सीधी जिम्मेदारी सौंपकर संगठन को ‘एक्शन मोड’ में लाया गया है।

लोहिया और नेताजी के विचारों का संवाहक: डॉ. राममनोहर लोहिया और श्रद्धेय नेताजी के “सामाजिक न्याय, पिछड़ों, दलितों और अल्पसंख्यकों के अधिकार” वाले मूल सिद्धांतों को गाँव-गाँव और चौपाल-चौपाल तक पहुँचाया जा रहा है।

पूर्वांचल केंद्रित रणनीति: वाराणसी, आज़मगढ़, जौनपुर, गाज़ीपुर, मऊ और बलिया जैसे महत्वपूर्ण जिलों में हर सप्ताह संवाद कार्यक्रम, सदस्यता अभियान और युवा सम्मेलन आयोजित कर संगठन का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है।

. ‘राजनीति + समाजसेवा’: जनहित और जनसरोकार के नए आयाम

राहुल यादव के मार्गदर्शन में यूथ ब्रिगेड ने विशुद्ध राजनीति से आगे बढ़कर “सेवा ही संगठन” के मंत्र को अपनाया है:

छात्र एवं युवा हित में मुखर आवाज: बेरोजगारी, बढ़ती फीस, भर्ती धांधली और पेपर लीक जैसे ज्वलंत मुद्दों पर सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक निर्णायक संघर्ष। इसके साथ ही प्रतियोगी छात्रों के लिए नि:शुल्क मार्गदर्शन शिविर और ग्रामीण प्रतिभाओं के लिए खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन।

जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ: राशन कार्ड, प्रधानमंत्री/मुख्यमंत्री आवास, वृद्धा व विधवा पेंशन तथा आयुष्मान कार्ड जैसी सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र गरीबों तक पहुँचाने के लिए ब्रिगेड के कार्यकर्ता निरंतर कैंप लगाते हैं।

सामाजिक समरसता व नशामुक्त समाज: सभी धर्मों और वर्गों के त्योहारों को एक साथ मनाकर “सर्वधर्म समभाव” की मिसाल पेश करना। साथ ही, युवाओं को नशे की लत से दूर करने और शिक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए व्यापक अभियान चलाना।

. आंदोलनात्मक तेवर और भविष्य का नेतृत्व: अनुशासित और संघर्षशील संगठन

प्रशासनिक शिथिलता के खिलाफ शंखनाद: महंगाई, भ्रष्टाचार और बिगड़ती कानून-व्यवस्था के खिलाफ यूथ ब्रिगेड लगातार धरना-प्रदर्शन और ज्ञापन के माध्यम से सरकार को घेरने का काम कर रही है।

कैडर आधारित नया नेतृत्व: “कार्यकर्ता ही पार्टी की असली पूँजी है” — इसी मूलमंत्र पर चलते हुए राहुल यादव नए और कर्मठ युवाओं को प्रशिक्षित कर उन्हें भविष्य की राजनीति के लिए तैयार कर रहे हैं।

नेताजी की विरासत का संरक्षण: मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड को एक अनुशासित, समर्पित और जनसेवी संगठन के रूप में स्थापित कर उन्होंने साबित किया है कि नेताजी की वैचारिक विरासत सुरक्षित हाथों में है।

. पूर्वांचल की राजनीतिक धड़कन क्यों बनी मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड?

धरातलीय जुड़ाव: एसी कमरों की राजनीति को नकारकर गाँव की चौपालों, चाय की टपरियों और नुक्कड़ों पर जनता से सीधा संवाद।

युवाओं को वास्तविक मंच: केवल वोट बैंक नहीं, बल्कि युवाओं की समस्याओं को हल करने का वास्तविक प्लेटफॉर्म।

निरंतर उपस्थिति: चुनाव हों या न हों, 365 दिन जनता के सुख-दुख में भागीदारी।

स्पष्ट और प्रखर विचारधारा: समाजवाद, समानता, धर्मनिरपेक्षता और सामाजिक न्याय के प्रति अटूट निष्ठा।

: पूर्वांचल में नए ‘समाजवादी सूर्योदय’ का आगाज़

“सुधारते और निखरते” स्वरूप में मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड आज पूर्वांचल की राजनीति में आम जनता के विश्वास और उम्मीद का नया पर्याय बन चुकी है। इस पूरे परिवर्तन के केंद्र बिंदु राहुल यादव हैं, जिन्होंने अपनी निष्ठा और कड़ी मेहनत से यह सिद्ध कर दिया है कि सच्ची राजनीति पद से नहीं, बल्कि जनसेवा से तय होती है।

वाराणसी की सांस्कृतिक माटी की सोंधी महक और नेताजी के संघर्षों की प्रेरणा को साथ लेकर राहुल यादव आज युवाओं के प्रेरणास्रोत, मार्गदर्शक और पूर्वांचल में समाजवादी आंदोलन के एक मजबूत स्तंभ के रूप में उभर चुके हैं।

Leave a Comment